Andhra Pradesh Official Land Market Value जानना संपत्ति से जुड़ी खरीद-फरोख्त और कानूनी कार्यों के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए आंध्र प्रदेश सरकार के स्टाम्प और पंजीकरण विभाग द्वारा विकसित IGRS AP पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। इस पोर्टल पर जाकर आप संपत्ति का प्रकार (कृषि या गैर-कृषि), जिला, मंडल और गांव का चयन कर उसके बाजार मूल्य की जांच कर सकते हैं। यह बाजार मूल्य उन मानकों पर आधारित होता है जिन्हें राज्य सरकार द्वारा नियमित रूप से संशोधित और प्रकाशित किया जाता है।
बाजार मूल्य का सही पता लगाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजीकरण शुल्क, स्टाम्प शुल्क और संपत्ति कर इसी मूल्य के आधार पर निर्धारित होते हैं। यदि संपत्ति की खरीदी सरकार द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य से कम पर होती है, तो मालिक को न्यूनतम सरकार द्वारा तय कीमत पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। आप स्थानीय उप-पंजीयक कार्यालय या IGRS AP की वेबसाइट से ऑनलाइन इस जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।
यह सेवा आपको जमीन के वास्तविक बाजार मूल्य की जानकारी देने के साथ ही भविष्य के लेनदेन में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद करती है। यदि आप जमीन या भवन खरीद-फरोख्त करने जा रहे हैं तो IGRS AP बाजार मूल्य की जांच अवश्य करें, जिससे किसी भी प्रकार की अनिश्चितता और विवाद से बचा जा सके।
बाजार मूल्य क्या है?
बाजार मूल्य वह न्यूनतम मूल्य होता है जिसे सरकार आंध्र प्रदेश में भूमि या संपत्ति के लिए तय करती है। यह मूल्य विभिन्न क्षेत्रों—जैसे जिले, मंडल और गांव—के अनुसार अलग होता है और संपत्ति के प्रकार (कृषि या गैर-कृषि) के आधार पर निर्धारित किया जाता है। यह सरकार द्वारा हर साल या निर्धारित अवधि में संशोधित होता रहता है ताकि वह वर्तमान रियल एस्टेट स्थिति के अनुरूप रहे।
यह बाजार मूल्य पंजीकरण के दौरान कम से कम भुगतान की जाने वाली रकम होती है। यदि संपत्ति का सौदा सरकार निर्धारित मूल्य से कम होता है, तो कानून के अनुसार पंजीकरण उसी न्यूनतम बाजार मूल्य पर किया जाएगा।
आधिकारिक वेबसाइट: https://registration.ap.gov.in
IGRS AP पोर्टल के माध्यम से बाजार मूल्य कैसे पता करें

IGRS AP की आधिकारिक वेबसाइट registration.ap.gov.in/igrs/newPropertyvalue पर जाएं।
होमपेज पर “प्रॉपर्टी वैल्यू” विकल्प चुनें।
अपनी संपत्ति का विवरण जैसे जिला, मंडल, गांव, और भूमि का प्रकार (कृषि/गैर-कृषि) दर्ज करें।
“विवरण प्राप्त करें” पर क्लिक करें। आपकी संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य, प्रति एकड़ या प्रति वर्ग फुट, आपके सामने आ जाएगा।
बाजार मूल्य क्यों जरूरी है?
यह सुनिश्चित करता है कि लेनदेन पारदर्शी और वैध हो।
स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क इसी बाजार मूल्य के आधार पर निर्धारित होता है।
बाजार मूल्य संपत्ति के सही आकलन और कानूनी सुरक्षित सौदों में मदद करता है।
संपत्ति की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी से बचाव करता है।
यह जानकारी आपको आंध्र प्रदेश में जमीन या संपत्ति के बाजार मूल्य को समझने एवं IGRS पोर्टल के जरिए सरलता से जांचने में मदद करेगी।
बाजार मूल्य का उपयोग और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें
बैंक ऋण और संपत्ति मूल्यांकन में सहायक:
बैंक या वित्तीय संस्थान जब ऋण देने के लिए संपत्ति का मूल्यांकन करते हैं, तो वे बाजार मूल्य को आधार मानते हैं। इसका मतलब है कि आपके संपत्ति का मूल्यांकन सरकारी तय मानकों के मुताबिक होगा।
पंजीकरण शुल्क की गणना:
स्टांप duty और पंजीकरण शुल्क का निर्धारण भी इसी बाजार मूल्य के आधार पर किया जाता है, ताकि लेन-देन पारदर्शी और सरकार को उचित राजस्व प्राप्त हो।
खरीद और बिक्री के लिए मार्गदर्शक:
बाजार मूल्य खरीदार और विक्रेता को न्यूनतम मूल्य की जानकारी देता है। इससे बिना किसी धोखाधड़ी के उचित दुकानदारी संभव होती है।
मूल्य को प्रभावित करने वाले तत्व:
संपत्ति का स्थान (रास्ता, बाजार, स्कूल के नजदीक)
ज़ोनिंग प्रकार (आवासीय, व्यावसायिक आदि)
इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं (सड़क, जल निकासी, बिजली)
इलाके में पिछले लेनदेन का रिकॉर्ड
मार्केट मूल्य और दस्तावेज़ मूल्य में अंतर:
बाज़ार मूल्य: सरकार द्वारा तय न्यूनतम सहमत मूल्य।
दस्तावेज़ मूल्य: खरीदार-विक्रेता के बीच तय असली सौदा मूल्य।
यदि दस्तावेज़ मूल्य सरकार के तय बाज़ार मूल्य से कम है, तो पंजीकरण सरकार के बाज़ार मूल्य पर होगा।
आम जनता के फायदे:
धोखाधड़ी की संभावना कम होती है क्योंकि मूल्य और लेन-देन स्पष्ट होते हैं।
घर बैठे ऑनलाइन मूल्य जांचकर समय की बचत होती है।
संपत्ति संबंधी लेन-देन कानूनी और सुरक्षित होते हैं।
खरीदार और विक्रेता दोनों के बीच विश्वास बढ़ता है।
IGRS AP पोर्टल की भूमिका:
यह पोर्टल भूमि के बाजार मूल्य की विश्वसनीय जानकारी प्रदान करता है, जिससे खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बनी रहती है और भ्रष्टाचार कम होता है। इसे खरीदने से पहले जरूर चेक करें।
आंध्र प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े FAQs
बाजार मूल्य क्या होता है?
यह वह न्यूनतम मूल्य है जिसे सरकार जमीन या संपत्ति के लिए तय करती है, जो पंजीकरण और स्टांप शुल्क दर निर्धारित करने में काम आता है।
क्या बाजार मूल्य और सौदे की कीमत में अंतर होता है?
हाँ, बाजार मूल्य सरकारी तय न्यूनतम कीमत होती है, जबकि सौदे की कीमत खरीदार और विक्रेता के बीच तय वास्तविक कीमत होती है। पंजीकरण हमेशा बाजार मूल्य के आधार पर होता है।
भार प्रमाणपत्र (EC) क्यों जरूरी है?
यह बताता है कि संपत्ति पर कोई बंधक या ऋण तो नहीं है तथा संपत्ति की कानूनी स्थिति साफ है, जो बैंक लोन और खरीद-फरोख्त में मदद करता है।
ऑनलाइन जमीन का बाजार मूल्य कैसे जांचें?
आप आधिकारिक IGRS AP वेबसाइट पर जाकर जिला, मंडल, गांव तथा संपत्ति की श्रेणी दर्ज कर बाजार मूल्य देख सकते हैं।
पुरानी संपत्तियों के मामलों में क्या सावधानी रखें?
ऑनलाइन रिकॉर्ड 1983 के बाद के लेनदेन तक सीमित हो सकता है, इसलिए पुराने रिकॉर्ड के लिए उप-पंजीयक कार्यालय जाकर जांच आवश्यक है।
क्या बाजार मूल्य से कम पर संपत्ति पंजीकृत हो सकती है?
नहीं, सरकार ऐसी पंजीकरण प्रक्रिया को स्वीकार नहीं करती; पंजीकरण न्यूनतम बाजार मूल्य पर ही होगा।
बाजार मूल्य में कौन-कौन से कारक असर डालते हैं?
स्थान, ज़ोनिंग, सड़क आदि आधारभूत सुविधाएं, पिछले लेनदेन का रिकॉर्ड, और संपत्ति का प्रकार।
IGRS पोर्टल से संबंधित अन्य सेवाएं क्या हैं?
यह पोर्टल भार प्रमाणपत्र, संपत्ति के रिकॉर्ड, और पंजीकरण जानकारी जैसी सेवाएं भी प्रदान करता है।
क्या ईसी ऑनलाइन डिजिटल रूप में मान्य है?
हाँ, हस्ताक्षरित ईसी डिजिटल तरीके से मान्य कानूनी दस्तावेज है जिसमें डिजिटल सिग्नेचर और क्यूआर कोड होता है।
किस प्रकार की मदद IGRS और मीसेवा केंद्र से मिलती है?
ऑनलाइन रिकॉर्ड जांच, आवेदन जमा, भुगतान सुविधा, और दस्तावेज डाउनलोड की सुविधा मिलती है, जिससे खरीद-फरोख्त पारदर्शी और सरल बनती है।