Bhulekh UP 2026: जानें कैसे देखें भूमि रिकॉर्ड और खतौनी ऑनलाइन

Bhulekh Up 2026 – उत्तर प्रदेश भूमि रिकॉर्ड पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग द्वारा संचालित bhulekh up पोर्टल राज्य की भूमि अभिलेख प्रणाली को डिजिटल रूप देने के लिए शुरू किया गया एक आधुनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के नागरिक अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी जैसे खसरा, खतौनी, भूखण्ड, एवं भू-नक्शा को आसानी से ऑनलाइन देख सकते हैं। पोर्टल की शुरुआत 2 मई 2016 को की गई थी और यह राष्ट्रीय भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP) के अंतर्गत संचालित है।

पोर्टल की मुख्य विशेषताएँ

ऑनलाइन खतौनी नकल और भू-नक्शा देखने की सुविधा।
गाटा संख्या या खसरा नंबर से भूमि विवरण प्राप्त करना।
सरकारी भूमि और विवादित भूखंडों की जानकारी।
रियल टाइम खतौनी डैशबोर्ड से ताज़ा भूमि रिकॉर्ड।

यूपी भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध मुख्य सेवाएँ

Bhulekh UP

अधिकार अभिलेख (खतौनी) की डिजिटल प्रति देखें।
रियल‑टाइम भूमि रिकॉर्ड की प्रतिलिपि प्राप्त करें।
गाटा या प्लॉट आईडी द्वारा भूखंड विवरण पता करें।
ग्राम खतौनी कोड की जानकारी प्राप्त करें।
विवादित भूखंड/गाटा की स्थिति देखें।
भूमि विक्रय स्थिति की जांच करें।
सरकारी स्वामित्व वाली भूमि खोजें।
ग्राम की सार्वजनिक संपत्ति की जानकारी देखें।
ऑनलाइन खसरा विवरण पोर्टल।
परित्यक्त (निष्कासित) संपत्तियों की सूची।
शत्रु संपत्तियों की जानकारी।
राज्य भूमि डेटा प्रबंधन अनुभाग।

यूपी भूलेख पर खतौनी के प्रकार

वास्तविक समय खतौनी (Real‑Time Khatauni)

यह सेवा किसानों और भूमि मालिकों को उनकी भूमि की अद्यतन जानकारी देती है।
खसरा नंबर, भूमि क्षेत्र, भूमि उपयोग, मुकदमे या ऋण की स्थिति जैसी जानकारी रियल‑टाइम में अपडेट होती रहती है।
इससे जमीन से जुड़ी पारदर्शिता बढ़ती है और गलत रिकॉर्ड की संभावना कम होती है।

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खतौनी की प्रतिलिपि (Record of Rights / Copy of Khatauni)

यह दस्तावेज भूमि स्वामित्व और उपयोग का आधिकारिक प्रमाण होता है।
इसमें मालिक का नाम, भूमि का क्षेत्रफल, खसरा नंबर और भूमि पर किसी कानूनी विवाद या ऋण की जानकारी दर्ज होती है।
यह किसान या भूमि स्वामी के लिए संपत्ति का प्रमाणिक रिकॉर्ड माना जाता है।

यूपी भूलेख खतौनी लॉगिन (UP Bhulekh Khatauni Login) प्रक्रिया?

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल पर खतौनी में लॉगिन करने की प्रक्रिया जिसमे सबसे पहले अपने मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के ब्राउज़र में https://upbhulekh.gov.in वेबसाइट खोलें।
होमपेज पर दिए गए “खतौनी लॉगिन / रियल‑टाइम खतौनी लॉगिन” विकल्प पर क्लिक करें।
अपनी आवश्यकता के अनुसार लॉगिन प्रकार चुनें — जैसे तहसील एडमिन यूजर या म्यूटेशन यूजर।
अब अपना यूज़रनेम और पासवर्ड दर्ज करें।
लॉगिन करने के बाद, तय समय (सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक) के भीतर अपने कार्य पूरे करें।
(नियत समय के बाद पोर्टल अस्थायी रूप से ऑफलाइन रहता है।)

रियल‑टाइम खतौनी देखना (Copy of Real‑Time Khatauni) प्रक्रिया ?

  • ऑनलाइन अपनी भूमि की वास्तविक समय खतौनी देखने के लिए निम्नलिखित आसान चरणों का पालन करें:
  • भूलेख यूपी पोर्टल या अधिकृत साइट पर जाएँ।
  • होमपेज पर “वास्तविक समय खतौनी की प्रति देखें” विकल्प पर क्लिक करें।
  • खुलने वाले पेज पर कैप्चा कोड भरें और सबमिट करें।
  • अब नए पेज पर अपना जिला, तहसील और ग्राम चुनें।
  • अपनी सुविधा के अनुसार खोज का तरीका चुनें: खसरा / गाटा नंबर से, खाता संख्या से, खाताधारक नाम से, भूमि श्रेणी या हस्तांतरण तिथि से
  • आवश्यक विवरण भरकर “सर्च” पर क्लिक करें।
  • स्क्रीन पर भूमि रिकॉर्ड की सूची प्रदर्शित होगी।
  • संबंधित रिकॉर्ड चुनें और “उद्धरण देखें” पर क्लिक करें।
  • इस तरह आप अपनी खतौनी का ऑनलाइन व्यू देख सकते हैं। यह कॉपी गैर‑प्रमाणित प्रतिलिपि होती है, जिसे डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है, ताकि आप अपने रिकॉर्ड सुरक्षित रख सकें।

यूपी भूलेख पर खतौनी की नकल देखने की प्रक्रिया?

अपने मोबाइल या कंप्यूटर में यूपी भूलेख पोर्टल खोलें।
होमपेज पर “खतौनी की प्रतिलिपि देखें” पर क्लिक करें।
स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें और बढ़ें।
जिला, तहसील और गांव चुनें।
भूमि डिटेल्स खोजने के लिए खसरा नंबर, खाता नंबर, खाताधारक के नाम या ट्रांसफर डेट का विकल्प चुनें।
जानकारी डालकर सर्च करें और अपनी खतौनी देखें।
प्लॉट/गाटा नंबर के हिसाब से डाटा देख सकते हैं, जिसे प्रिंट भी किया जा सकता है।

प्लॉट/गाटा की बिक्री या विवाद की स्थिति जानने के स्टेप्स

  • ऑफिशियल यूपी भूलेख वेबसाइट पर जाएं।
  • “प्लॉट/गाटा स्थिति जानें” या “विवादित स्थिति जानें” ऑप्शन को चुनें।
  • जिला, तहसील और गांव चुनें।
  • अपना खसरा/गाटा नंबर डालें और फिर सर्च करें।
  • जमीन से जुड़े विवाद या बिक्री की स्थिति स्क्रीन पर मिल जाएगी।
  • राजस्व ग्राम खतौनी कोड और प्लॉट/गाटा यूनिक कोड कैसे पता करें
  • यूपी भूलेख पोर्टल ओपन करें और होमपेज पर जाएं।
  • “प्लॉट/गाटा का राजस्व ग्राम खतौनी कोड जानें” विकल्प पर क्लिक करें।
  • जिला, तहसील, गांव और खसरा/गाटा नंबर भरें।
  • सर्च बटन दबाएं, आपके नंबर का यूनिक कोड दिख जाएगा।

भू नक्शा उत्तर प्रदेश क्या है

यूपी सरकार द्वारा बनाया गया भू नक्शा यूपी पोर्टल नागरिकों को अपनी भूमि का डिजिटल नक्शा और विवरण ऑनलाइन देखने की सुविधा देता है। इससे भूमि रिकॉर्ड पारदर्शी और सुलभ बना है।

ऑनलाइन भू नक्शा देखे ?

आधिकारिक वेबसाइट https://upbhunaksha.gov.in पर जाएँ।
अपना जिला, तहसील और गांव चयन करें।
दिए गए बॉक्स में खसरा/गाटा नंबर दर्ज करें।
“मैप रिपोर्ट” पर क्लिक करें और संबंधित भूमि का नक्शा एवं विवरण देखें।
आवश्यकतानुसार मानचित्र डाउनलोड या प्रिंट करें।

पोर्टल पर उपलब्ध भूमि अभिलेख?

खाताधारक का नाम और संबंधित रिकॉर्ड।
खसरा एवं खाता संख्या की पूरी जानकारी।
भूमि का कुल क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)।
स्वामित्व और लेन‑देन का इतिहास (जैसे बिक्री या बंधक)।
खाली अथवा अप्रयुक्त संपत्ति का विवरण।

उत्तर प्रदेश में भूमि को विभिन्न प्रकार देखें ?

  • सरकारी या ग्राम सभा की जमीन – जिन्हें अधिकारिक प्राधिकारी द्वारा प्रबंधन के लिए सौंपा गया हो, और जो खेती के लिए उपयोग में हो। (कोड: 11)
  • हस्तांतरणीय भूमि – ऐसी जमीन जो स्वामियों के पास है और जिसे ट्रांसफर किया जा सकता है। (कोड: 12)
  • गवर्नमेंट ग्रांट भूमि – जो सरकारी अनुदान के अंतर्गत व्यक्तियों को दी गई हो। (कोड: 14)
  • गैर हस्तांतरणीय भूमि – ऐसी जमीन जो ट्रांसफर योग्य नहीं है। (कोड: 21)
  • किरायेदारों की जमीन – जिसका उपयोग और कब्जा किरायेदार करते हैं। (कोड: 31)
  • बिना स्वामित्व वाली जमीन – जिसमें किसी का नाम खसरे में दर्ज न हो पर जमीन उपयोग में हो। (कोड: 41)
  • कृषि योग्य भूमि – नई और पुरानी परती, बंजर भूमि और उससे जुड़े विविध वन और चरागाह। (कोड 51 से 57 के बीच)
  • वन भूमि – अनुबंधित वन अधिकार के अंतर्गत देसी और अनुसूचित जनजातियों को दी गई भूमि। (कोड 58 से 60)
  • गैर कृषि भूमि – जलमग्न क्षेत्र, सड़क, रेलवे, कब्रिस्तान आदि। (कोड 61 से 64)
  • अवैध कब्जाधारी भूमि – जिनने बिना अनुमति के कब्जा किया हो। (कोड: 91)

उत्तर प्रदेश भूलेख पोर्टल उपयोग FAQs

पोर्चल डाउन होने पर क्या करें?

पोर्टल मेंटेनेंस के कारण अस्थायी बंद हो सकता है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों से संपर्क करें या पुनः कुछ समय बाद प्रयास करें।

खतौनी या जमीन के रिकॉर्ड क्यों नहीं दिखते?

कभी-कभी तकनीकी दिक्कतें या डेटा अपडेटिंग के चलते डेटा उपलब्ध नहीं होता। सही विवरण डालना और पुनः प्रयास करना जरूरी है।

रजिस्ट्रेशन या नामांतरण प्रक्रिया में देरी क्यों होती है?

सिस्टम में अस्थायी ट्रैफिक या तकनीकी समस्या के कारण काम में देरी हो सकती है। संबंधित तहसील कार्यालय से जानकारी लें।

पासवर्ड या लॉगिन समस्या कैसे हल करें?

सही यूजरनेम/पासवर्ड डालें, कैप्चा सही भरे, और जरूरत हो तो पासवर्ड रीसेट ऑप्शन का उपयोग करें।

किसानी के मौसम में भूमि विवाद से बचने के लिए यूपी भूलेख कैसे मदद करता है?

अपडेटेड रियल‑टाइम रिकॉर्ड से किसान को विवादित या अवैध जमीन से बचने में सहायता मिलती है।

शिकायत दर्ज करने का तरीका क्या है?

आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ‘शिकायत पंजीकरण’ सेक्शन से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

किसी जमीन की विवाद या बिक्री स्थिति कैसे देखें?

पोर्टल के ‘प्लॉट/गाटा स्थिति जानें’ विकल्प से जिला, तहसील, गाटा नंबर डालकर जांच करें।

यूपी भूलेख संपर्क जानकारी

संपर्क नंबर आधिकारिक उपयोग): (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक) यह भूमि वर्गीकरण प्रणाली राज्य में भूमि के सही प्रबंधन, स्वामित्व एवं विवाद निवारण के लिए आवश्यक है। भूमि से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए उपरोक्त हेल्पलाइन एवं ईमेल पर संपर्क किया जा सकता है।